- केके पंत बने हिमाचल प्रदेश के नए मुख्य सचिव, सरकार ने अतिरिक्त प्रभार सौंपा
- पूर्व मुख्य सचिव संजय गुप्ता के सेवानिवृत्त होने के बाद जारी हुए आदेश
- नई नियुक्ति के बाद प्रदेश में बड़े प्रशासनिक फेरबदल की संभावना बढ़ी
हिमाचल प्रदेश सरकार ने 1993 बैच के वरिष्ठ IAS अधिकारी और अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) केके पंत को राज्य की नौकरशाही का नया मुखिया नियुक्त किया है। सरकार ने उन्हें मुख्य सचिव (Chief Secretary) का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। इस संबंध में कार्मिक विभाग की सचिव एम. सुधा देवी ने आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं।
केके पंत अब तक वन, गृह और सतर्कता विभाग जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। पूर्व मुख्य सचिव संजय गुप्ता के 30 मई को सेवानिवृत्त होने के बाद सरकार ने उन्हें यह अहम जिम्मेदारी सौंपी है।
संजय गुप्ता की विदाई के अवसर पर शनिवार को सचिवालय में IAS अधिकारियों ने उन्हें विदाई दी थी, जबकि शाम को होटल हॉलिडे होम में डिनर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके बाद रविवार को सरकार ने नए प्रशासनिक मुखिया को लेकर आदेश जारी कर दिए।
केके पंत प्रशासनिक अनुभव के लिए जाने जाते हैं। वह पहले कांगड़ा के उपायुक्त (DC) भी रह चुके हैं और लंबे समय तक केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। हिमाचल प्रदेश में भी उन्होंने कई महत्वपूर्ण विभागों में काम किया है।
फिर कार्यवाहक व्यवस्था पर उठे सवाल
दिलचस्प बात यह है कि सरकार ने केके पंत को नियमित मुख्य सचिव नियुक्त करने के बजाय अतिरिक्त प्रभार दिया है। इससे पहले अक्टूबर 2025 में संजय गुप्ता को भी कार्यवाहक मुख्य सचिव बनाया गया था और सेवानिवृत्ति से कुछ दिन पहले ही उन्हें नियमित मुख्य सचिव का दर्जा मिला था।
प्रदेश में वर्तमान समय में पुलिस महानिदेशक (DGP) का पद भी नियमित नियुक्ति के बजाय कार्यवाहक व्यवस्था के तहत संचालित हो रहा है। विपक्ष पहले भी इस मुद्दे को लेकर सरकार पर सवाल उठाता रहा है।
उत्तराखंड से संबंध, सीनियरिटी में पहुंचे शीर्ष पर
केके पंत मूल रूप से उत्तराखंड के निवासी हैं। हिमाचल प्रदेश की IAS सीनियरिटी सूची में संजय गुप्ता के बाद उनका दूसरा स्थान था। गुप्ता के सेवानिवृत्त होने के बाद अब वह सीनियरिटी सूची में शीर्ष स्थान पर पहुंच गए हैं।
नियुक्ति आदेश जारी होने के बाद सचिवालय में अधिकारियों का उन्हें बधाई देने का सिलसिला शुरू हो गया है।
चीफ सेक्रेटरी की दौड़ में ये नाम भी थे
मुख्य सचिव पद के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के पैनल में कई नाम शामिल थे। इनमें 1994 बैच की IAS अधिकारी अनुराधा ठाकुर, 1994 बैच के ACS ओंकार शर्मा, 1995 बैच के IAS अधिकारी भरत हरबंसलाल खेड़ा और 1995 बैच के ACS रावथेर दाउद नजीम शामिल थे।
हालांकि अनुराधा ठाकुर और भरत हरबंसलाल खेड़ा वर्तमान में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत हैं।
बड़े प्रशासनिक बदलाव के संकेत
केके पंत की नियुक्ति के बाद प्रदेश में बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल की संभावना जताई जा रही है। अब तक उनके पास मौजूद विभागों की जिम्मेदारी अन्य अधिकारियों को सौंपी जा सकती है। वहीं खबर है कि आरडी नजीम भी आने वाले दिनों में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जा सकते हैं।



